दिल्ली का ‘मसाला सत्तू’ मिठाई पुल की धूप में मिलने वाली असली ठंडक

दिल्ली का ‘मसाला सत्तू’ मिठाई पुल की धूप में मिलने वाली असली ठंडक

Delhi ka ‘masala sattu’, Mithai Pul ki dhoop mein milne wali asli thandak

दिल्ली की झुलसाती गर्मी जब अपने चरम पर होती है और लू के थपेड़े शरीर को थका देते हैं तब राहत की तलाश हर किसी को रहती है। ऐसे ही समय में पुरानी दिल्ली के एक कोने  मिठाई पुल पर एक सादा-सा ठेला लोगों के लिए ठंडक, स्वाद और सुकून का संगम बन जाता है यह ठेला है बिहार के रहने वाले गौरव भइया का जिनका “मसाला सत्तू” आज सिर्फ एक पेय नहीं बल्कि दिल्ली की गर्मियों की पहचान बन चुका है

देसी स्वाद का अनोखा संगम

गौरव भइया का सत्तू कोई साधारण पेय नहीं है बल्कि यह यूपी-बिहार की परंपरा और दिल्ली के चटपटे स्वाद का बेहतरीन मेल है इसमें मिलाए जाते हैं बारीक कटे प्याज़,हरी मिर्च,चाट मसाला,काला नमक और भुना पिसा जीरा,और ऊपर से ताज़ा निंबू का रस

  हर एक घूंट में स्वाद का ऐसा तड़का होता है जो सीधे दिल तक उतर जाता है पहला ही घूंट यह एहसास करा देता है कि यह सिर्फ प्यास बुझाने का साधन नहीं बल्कि देसी स्वाद का एक जीवंत अनुभव है

दिल्लीवालों की नई पसंद पुरानी परंपरा

सत्तू कभी मुख्यत बिहार और उत्तर प्रदेश के गांवों-शहरों में गर्मी से राहत का पारंपरिक पेय माना जाता था वही आज दिल्लीवासियों के दिलों में खास जगह बना चुका है मिठाई पुल पर आने वाले लोग अब इसे सिर्फ “ट्राई” नहीं करते बल्कि अपनी रोज़मर्रा की आदत बना चुके हैं रेलवे में वेंडर प्रताप पांडे जैसे कई ग्राहक बताते हैं कि गौरव भइया का सत्तू पिए बिना दिन अधूरा लगता है यह एक पेय नहीं बल्कि दिनभर की थकान मिटाने वाला साथी बन चुका है

Delhi ka ‘masala sattu’, Mithai Pul ki dhoop mein milne wali asli thandak

स्वाद के साथ सेहत का खजाना

मसाला सत्तू सिर्फ स्वाद में ही नहीं सेहत में भी बेमिसाल है यह शरीर को ठंडक देता है पाचन को दुरुस्त रखता है और गर्म हवाओं के बीच तुरंत ऊर्जा प्रदान करता है यही कारण है कि यह देसी पेय अब “समर ड्रिंक” के रूप में दिल्ली में विशेष दर्जा हासिल कर रहा है

एक ठेले से बनी ‘समर लाइफलाइन’

गौरव भइया का यह सफर भी उतना ही प्रेरणादायक है वे हर साल मार्च से लेकर नवंबर-दिसंबर तक दिल्ली में अपना ठेला लगाते हैं और सर्दियों के कुछ महीने अपने घर बिहार में परिवार के साथ बिताते हैं उनके इस समर्पण और मेहनत ने उनके छोटे से ठेले को मिठाई पुल की “समर लाइफलाइन” बना दिया है

Delhi ka ‘masala sattu’, Mithai Pul ki dhoop mein milne wali asli thandak

सादगी में छुपा खास स्वाद

आज जब बड़े-बड़े ब्रांड्स के ठंडे पेय बाजार में छाए हुए हैं ऐसे में गौरव भइया का मसाला सत्तू यह साबित करता है कि असली स्वाद सादगी और परंपरा में ही बसता है अगर आप भी दिल्ली में रहते हैं और गर्मी से राहत के साथ एक असली देसी अनुभव चाहते हैं तो अगली बार मिठाई पुल पर रुकिए और गौरव भइया का मसाला सत्तू ज़रूर चखिए यकीन मानिए यह स्वाद आपको बार-बार वहीं खींच लाएगा

: – ललित भसोढ़

: – “बातें कहीं अनकहीं, दिल्ली”

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