“मेरा क्या होगा.?

"मेरा क्या होगा.?

लाला जी का सभी से अपने पन से मिलना व उनकें चेहरे की मुस्कुराहट अनजाने लोगों को भी अपना बना लेती थीं पर उस दिन लाला जी बहुत परेशान नजर आ रहें थे  दो बेटो व एक बेटी के पिता लाला जी एक भरें पूरें परिवार के मुखिया थे उन्हें लाला जी कब व कैसे कहा जाने लगा कोई भी नहीं जानता है घर,परिवार नाती,पोतें व यहा तक की पड़ोसी भी उन्हें लाला जी ही कह कर बुलाते थे लाला जी ने समय रहतें ही अपने बेटों व बेटियों को ब्याह दिया था वह सभी अपने अपने परिवार में बहुत खुव थे लाला जी की उम्र लगभग 75,वर्ष हो चली थी एक अच्छी बात यह थी की उम्र के इस पड़ाव पर उनकीं जीवन संगिनी का साथ उनकें साथ अभी तक बना हुआ था लाला जी व उनकीं धर्म पत्नी आपस में छोटी छोटी बातों मे आपस मे लड़ पड़ते पर परिवार का कोई भी सदस्य उनकी लड़ाई के बीच में नहीं बोलता था क्योंकि वह दोनो आपस में लड़ते लड़ते कब एक मत हो जाये पता ही नहीं चलता था इसी तरहा की नौक झौक के बीच जिंदगी आगे बढ़ रहीं थी पर आज सुबह जब बी टैन वाले गुप्ता जी लाला जी से मिले तो वह बहुत उदास थें कई बार पूछने पर उन्होंने बताया की उनकी पत्नी की तबीयत ठीक नहीं है बहुत बीमार हैं वो,तो गुप्ता जी ने माहौल को कुछ हल्का करने की गरज़ से लाला जी से कहा की अरे वाह लाला जी आप तो इस उम्र में भी भाभी जी को बहुत प्यार करतें हो बड़ी चिंता सता रहीं हैं भाभी जी की आपको , गुप्ता जी की बात सुनकर लाला जी कुछ नाराज होतें हुए बोलें की तुम नहीं समझोगें अगर इस उम्र में उसे कुछ हो गया तो मेरा क्या होगा..?

शाम को लाला जी के घर के बाहर बहुत भीड़ लगी थी वहा पर मौजूद सभी लोगों के चेहरे मुरझाये व आंखे नम थी तो कुछ लोग अपनी आंखों में आयें आसुओं को एक दूसरे से छिपाने की कोशिश कर रहें थे लाला जी के घर के बाहर लगी भीड़ को देख कर गुप्ता जी उनकें घर पहुंच गयें उनका मन बहुत भारी हो चला था व किसी अनहोनी की आशंका से उनका दिल कांप रहा था आज सुबह ही लाला जी ने उनको बताया था कि उनकी पत्नी की तबीयत ठीक नहीं है गुप्ता जी ने लाला जी के बेटे के कांधे पर हाथ रखा तो वह उन्हें देख कर जोर जोर से रोने लगा उसने कहा कि आज हमारे लाला जी हमे अनाथ करकें चले गयें अब वह कभी वापस नहीं आयेगें सुनकर गुप्ता जी वही जमीं पर बैठ गयें उनकीं आंखो से कब आंसुओं की धारा बहने लगी उन्हें खुद ही नहीं पता चला वहा मौजूद कालोनी वाले आपस में बात कर रहे थे की लाला जी अपनी पत्नी को बहुत प्यार करते थें कुछ दिनों से वह बहुत बीमार थी और लाला जी को उन्हीं की चिंता सता रहीं थी उसी चिंता के चलतें उन्हें आज दोपहर में हार्ट अटैक आया और वह इस दुनिया से विदा हो गयें उनकी मौत हो गई….

तो वहीं गुप्ता जी को आज सुबह ही लाला जी के कहें वह अंतिम शब्द बार बार याद आ रहें थें की अगर इस उम्र मे उसे कुछ हो गया तो मेरा क्या होगा……

:- ललित भसोढ़

:- बातें कही अनकही दिल्ली

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